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(विचार-मंथन) फिर मुंह की खाया पाक (लेखक - सिद्घार्थ शंकर / ईएमएस)

11/09/2019

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत ने एक-एक कर पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश कर दिया। भारत की तरफ से विदेश मंत्रालय के प्रथम सचिव विमर्श आर्यन ने कहा कि हमारे कदम (अनुच्छेद 370) से पाकिस्तान को अहसास हो गया है कि उसके आतंकी मसूबे अब कामयाब नहीं होंगे। भारत ने जम्मू-कश्मीर में हिंसा भड़काने के लिए पाकिस्तान को सीधे तौर पर जिम्मेदार बताया। भारत ने पाकिस्तान की उस मांग को भी सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उसने कश्मीर मुद्दे पर यूएनएचआरसी से जांच कराने की मांग की थी। पाकिस्तान लगभग हर जगह भारत के खिलाफ अपने झूठ बयानों को लेकर जाता रहा है। लेकिन फिर भी इससे पहले उसे यूएन, आईओसी सहित कई मंचों पर जबरदस्त हार का सामना करना पड़ा है। उसका साथ सिर्फ चीन ही दे रहा है। भारत की विदेश मंत्रालय की सचिव विजय ठाकुर सिंह ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि झूठ की यह कहानी वैश्विक आतंकवाद के केंद्र से आती है। भारत के इस डबल अटैक ने पाक की एक बार फिर बोलती बंद कर दी। यूएनएचआरसी में विदेश मंत्रालय के प्रथम सचिव विमर्श आर्यन ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कहा, अनुच्छेद 370 भारतीय संविधान का एक अस्थायी प्रावधान था, इसमें बदलाव करना पूरी तरह भारत का आतंरिक मामला और अधिकार है। पाकिस्तान को इस मुद्दे पर बात करने का कोई अधिकार नहीं है। हम पाकिस्तान के उन्मादी बयानों से हैरान नहीं हैं। पाकिस्तान का उद्देश्य इस मंच का राजनीतिकरण और ध्रुवीकरण करना है। पाकिस्तान को इस बात का अहसास हो रहा है कि हमारा फैसला सीमापार आतंकवाद के मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगा। भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तान अपने यहां अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन कर रहा है पर वह दूसरों को मानवाधिकारों के बारे में सीख देता फिर रहा है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में मुंह की खाने के बाद अब पाक ने नया पैंतरा चला है। प्रधानमंत्री इमरान खान पीओके में रैली करने की योजना बना रहे हैं। भारत की तरफ से पीओके को लेने के मिले संकेत के बाद पाक की नींद उड़ी हुई है। वैश्विक स्तर पर पाक पहले से दबाव झेल रहा है, वहीं भारत उसे चैन से नहीं बैठने दे रहा है। हालांकि, ऐसी नियति पाक ने खुद अपने लिए पैदा की है।
सिद्धार्थ शंकर / 11 सितम्बर/ईएमएस