क्षेत्रीय

बस्तर गोंचा पर्व में हेरापंचमी पूजा विधान लक्ष्मी-नारायण संवाद संपन्न हुआ

05/07/2022

-श्रीश्री जगन्नाथ मंदिर से महालक्ष्मी की डोली का हुआ भव्य स्वागत
जगदलपुर (ईएमएस)। बस्तर गोंचा महापर्व के विविध पूजा विधान में सबसे महत्वपूर्ण व भव्य पूजा विधान में से एक हेरा पंचमी पूजा विधान में लक्ष्मी-नारायण संवाद के साथ आज सम्पन्न हुआ, जिसमें 360 घर आरण्यक ब्राहम्ण समाज के द्वारा श्रीश्री जगन्नाथ मंदिर से अन्नपूर्णा महालक्ष्मी की दो डोली नगर भ्रमण एवं रथ परिक्रमा स्थल से होते हुए गुडि़चा मंदिर-सिरहासार भवन पहुंची। जहां अन्नपूर्णा महालक्ष्मी का भव्य स्वागत किया गया, मंदिर में पहुंची नाराज महालक्ष्मी के साथ लक्ष्मी-नारायण संवाद हुआ। जिसके बाद वापस लक्ष्मी जी की दो डोलियां वापस जगन्नाथ मंदिर लौट गई।
हेरापंचमी पूजा विधान में श्रीश्री जगन्नाथ मंदिर से दो डोलियां परम्परानुसार निकाली गई, पहली डोली बस्तर के राजपरिवार, राजगुरू एवं कुवंर परिवार के यहां से होते हुए जगन्नाथ मंदिर के मुख्य द्वार मेंं पहुंची। दूसरी डोली देर शाम कोगाजे-बाजे के साथ जगन्नाथ मंदिर से निकाली गई। दोनों डोलियां एक साथ रथ परिक्रमा स्थल से होते हुए गुडि़चा मंदिर-सिरहासार भवन पहुंची, जहां माता लक्ष्मी की दोनो डोली का भव्य स्वागत के बाद माता लक्ष्मी और भगवान जगन्नाथ स्वामी के बीच संवाद हुआ, जिसे लक्ष्मी-नारायण संवाद कहा जाता है।
पौराणिक मान्यताओं व परंपरानुसार भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा व बलभद्र स्वामी श्रीमंदिर से माता अन्नपूर्णा महालक्ष्मी को बगैर बताएं रथारूढ़ होकर श्रीगोंचा के दिन विश्व भ्रमण के बाद गुडि़चा मंदिर अपनी मौसी के घर रूक जाते हैं। भगवान जगन्नाथ के श्रीमंदिर से विश्व भ्रमण में निकलने के चार दिनों तक वापस नहीं लौटने पर भगवान जगन्नाथ के हरण की आशंका से माता अन्नपूर्णा महालक्ष्मी द्वारा ढूढंने निकलने की परम्परा हेरा पंचमी पूजा विधान कहलाता है, गुडि़चा मंदिर भगवान जगन्नाथ के मिलने पर नाराज महालक्ष्मी के साथ जो संवाद होता है, उसे लक्ष्मी-नारायण संवाद कहते हैं।
प्रवीण/05/06/2022