क्षेत्रीय

जिनिंग फैक्ट्री में चल रहा था तेल कारखाना, 50 लाख रुपये का तेल जप्त

22/06/2022

5 विभागों ने की संयुक्त कार्यवाही, गोडाउन किया सील
खरगोन (ईएमएस)। जिला प्रशासन के 5 विभागों के संयुक्त अमले ने बुधवार को एक प्रतिष्ठान से लाखों रुपए कीमत का तेल जप्त किया है। इसके अलावा यहां किए गए अवैध गेहूं भण्डारण को भी जांच के दायरे में लिया है। यह कार्रवाई जिले की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
डिप्टी कलेक्टर ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में अमला बिस्टान रोड स्थित गुरुकृपा ट्रेडर्स की दुकान और गोडाऊन पर पहुंचा। तेल संचालक ने बिस्टान रोड़ स्थित गंगादास फायबर्स जिनिंग फैक्ट्री में गोडाउन बना रखा था। डिप्टी कलेक्टर सिंह सिंह ने बताया कि इस कार्यवाही में राजस्व, मंडी, नापतौल, श्रम, खाद्य सुरक्षा और खाद्य आपूर्ति विभाग शामिल है। कार्यवाही के बाद दो विभागों की प्रारम्भिक गणना में 50 लाख 11 हजार 174 रुपये का तेल जप्त किया गया। इसके अलावा मंडी विभाग द्वारा की गई कार्यवाही के 135.69 क्विंटल अवैध गेंहू का भंडारण अधिक पाया गया। जबकि 1774 क्विंटल गेंहू का भंडारण बिना अनुमति के करने का संदेह है। व्यापार की अनुमति है लेकिन भण्डारण करने की अनुमति पर संदेह है। जांच के दौरान सामने आया कि ट्रेडर्स द्वारा तेल को रिपेकिंग भी किया जाता है। इतना ही नहीं नापतौल विभाग द्वारा की गई जांच में 3 तौल कांटे सत्यापित नहीं पाए गए। इसके अलावा 15.15 लीटर के 5 तेल के डिब्बों पर वास्तविक एमआरपी के साथ छेड़छाड़ करना भी पाया गया है। इस कार्यवाही के दौरान खाद्य आपूर्ति अधिकारी मनोहर ठाकुर, सहायक खाद्य निरीक्षक भारत जमरे, खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरआर सोलंकी, एचएल अवास्या, आरआर सोलंकी, नापतौल अधिकारी पाठक, श्रम अधिकारी शैलेन्द्र सोलंकी और विभागों का अमला भी उपस्थित रहा।
विधिक माप विज्ञान अधिनियम के साथ खिलवाड़
नापतौल अधिकारी श्री पाठक ने बताया कि गुरुकृपा ट्रेडर्स पर बुधवार को की गई कार्यवाही में सामने आया कि इनके द्वारा विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 24/33 और पीसीआर रूल 2011 के नियम 18/5 व 18/6 का खिलवाड़ किया गया। ट्रेडर्स पर 5 तेल के डिब्बों पर दिनाक और एमआरपी अंकित नहीं पायी गई। साथ ही 5 डिब्बों पर अंकित एमआरपी पर मनमाने ढंग से उपभोक्ताओं को गुमराह करने के लिए छद्म रूप से एमआरपी डाली गई। साथ ही 1 टन का तोलकांटा भी सत्यापित नहीं पाया गया।
खाद्य सुरक्षा ने 10821 और खाद्य आपूर्ति ने 23331.55 लीटर तेल किया जप्त
बुधवार को की गई कार्यवाही में तेल का बड़ा भंडारण सामने आया जिसमें सभी प्रकार के खाद्य तेल शामिल है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी एचएल अवास्या ने बताया कि गुरुकृपा ट्रेडर्स की दुकान से अवैध खाद्य तेल को रिपेकिंग करते पाया गया। जो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 नियम 2011 के तहत कार्यवाही करते हुए परिसर सील किया गया। कार्यवाही के दौरान पाम आयल सोयाबीनए मूंगफली और सरसों का कुल 10821 किलोग्राम तेल जप्त किया गया। जिसका बाजार मूल्य 16 लाख 14 हजार रुपये निर्धारित है। गुरुकृपा ट्रेडर्स प्रोपराइटर मुकेश मित्तल के प्रतिस्ठान पर जांच की गई। इस दौरान मप्र खाद्य तेल एवं तिलहन व्यापारी नियंत्रण 2022 के अंतर्गत प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया है। कार्यवाही में सरसों का 8100 किग्राण् मूंगफली का 2700 किग्राण् पाम आयल 1500 किग्रा और सोयाबीन का 11031.55 किग्रा तेल जप्त किया गया है। जिसका बाजार मूल्य 33 लाख 97 हजार 174 रुपये कीमत का है। इनके प्रतिष्ठान पर स्टॉक रजिस्टर और भौतिक सत्यापन में अंतर पाया गया। साथ ही सोयाबीन, मूंगफली, सरसो और पाम तेल का उपभोक्ताओं और रिटेल दोनो को पक्के बिल नही देना पाया गया। इसके अलावा दैनिक स्टॉक पंजी और विक्रय एवं संग्रहण का सुसंगत लेखे नहीं पाए गए।
श्रम विभाग के नियमों की भी अनदेखी की गई
जांच के दौरान श्रम विभाग द्वारा भी कार्यवाही गई है। श्रम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार संविदा श्रम अधिनियम 1970, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, बालक एवं कुमार श्रम अधिनियम 1986, बोनस भुगतान अधिनियम 1965 और उपादान भुगतान अधिनियम 1972 के अंतर्गत उल्लंघन पाया गया। इसके अलावा श्रामिकों को निर्धारित न्यूनतम वेतन से कम वेतन देना, श्रमिकों की उचित सुविधाएं जैसे. शौचालय प्रथमोपचार की सुविधा नहीं होना, स्वच्छ पानी एवं सुरक्षा के लिए कोई उपाय की व्यवस्था नहीं पायी गई है। साथ ही फर्म में संस्थान में संदेहास्पद मशीन ऑपरेटर व तकनीशियन पाए गए।
नाजिम/22/06/2022