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अभिनेता रवि किशन ने की बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत

06/12/2018

- मुंबई में बिल्डरों की धोखाधड़ी, 15 से ज्यादा बिल्डर जेल में हैं बंद
मुंबई,(ईएमएस)। मुंबई और इससे सटे उपनगरों में बिल्डरों द्वारा की जा रही धोखाधड़ी अब आम बात हो गई है. इसकी मुख्य वजह राजनेताओं और कुछ अधिकारियों की सांठगांठ ही मानी जाती है. अक्सर यह देखा जा रहा है बिल्डरों द्वारा नियम कानून को ताक पर रखकर इमारतें बनाई जाती है लेकिन शिकायत होने के बाद दो उन बिल्डरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती. इसकी वजह बिल्डरों के ऊपर राजनेताओं और उच्च अधिकारियों का हाथ होना बताया जाता है. हालांकि कई मामले कोर्ट में लंबित है और कोर्ट ही ऐसे जालसाज बिल्डरों को सबक सिखाती है यही वजह है कि मुंबई में 15 से अधिक बिल्डर फिलहाल अनियमितता के आरोप में जेल में बंद है. अब एक बार फिर एक बिल्डर की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. खबर है कि फिल्म अभिनेता रवि किशन ने कमला लैंडमार्क बिल्डर्स बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस से की है. पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है. रवि किशन का आरोप है कि बिल्डर्स ने पैसा लेने के बावजूद उन्हें फ्लैट नहीं दिया है. आपको बता दें कि मुंबई में दर्जनों ऐसे प्रोजेक्ट हैं जो बिल्डरों की गड़बड़ी या फिर सरकारी लापरवाही की वजह से रुके हुए हैं और हजारों ग्राहक अपने पैसों के लिए दर दर भटक रहे हैं. ऐसे ही पीड़ित ग्राहकों में अब अभिनेता रवि किशन का नाम भी शामिल हो गया है. रवि किशन का आरोप है कि मुंबई के वर्सोवा में एक फ्लैट के लिए उन्होंने जितेन्द्र जैन और उनकी कंपनी को वर्ष 2012 में डेढ़ करोड़ रुपये दिये थे लेकिन आज तक उन्हें फ्लैट की चाबी नहीं मिली. रवि किशन के मुताबिक, बिल्डर जितेंद्र जैन ने वर्सोवा यारी रोड पर उन्हें फ्लैट देने का वादा किया था. बता दें कि जितेंद्र जैन के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं, मगर हाल में रवि किशन और सुनील नायर नामक एक और शख्स ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है. मालूम हो कि कमला लैंडमार्क ग्रुप कंपनी के जितेंद्र जैन और उनके सहयोगी जिनेन्द्र जैन तथा केतन शाह वर्ष 2016 से जेल में बंद हैं. पुलिस के मुताबिक कमला लैंडमार्क ग्रुप के खिलाफ धोखाधड़ी के अब तक 24 मामले दर्ज हो चुके हैं. पुलिस 300 के करीब बैंक अकाउंट सील कर चुकी है. अब तक 800 से भी ज्यादा पीड़ित सामने आ चुके हैं. तकरीबन 400 करोड़ के इस घोटाले की धनराशि के और भी बढ़ने का अनुमान है. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि मुंबई में अकेले कमला लैंडमार्क ग्रुप के प्रमोटर ही नहीं 15 से ज्यादा बिल्डर जेल में बंद हैं तो दूसरी तरफ एक दर्जन से ज्यादा बिल्डर पुलिस थानों में शिकायत दर्ज होने के बाद भी आजाद घूम रहे हैं. जबकि मुंबई में एक अच्छा मकान खरीदने की आस में अपनी खून पसीने की कमाई गवां बैठे पीड़ित न्याय के इंतजार में दर दर की ठोकरें खा रहे हैं.
संजय/संतोष-१०.२५/०६/दिसंबर/२०१८/ईएमएस