राज्य समाचार

एक सप्ताह तक सुरक्षित रहेगी दान मिली आंखें

13/08/2019

हमीदिया में बनेगा प्रदेश का प्रथम हाईटेक आई बैंक
भोपाल (ईएमएस)। अब दान में मिली आंखे (कार्निया) पूरे सप्ताह भर तक सुरक्षित रहेगा। ऐसा राजधानी के हमीदिया अस्पताल में बनने वाली हाईटेक आई बैंक से संभव हो पाएगा। बैंक में कॉर्निया की गुणवत्ता जांचने की सुविधा भी होगी। इसी जांच के आधार पर यह निणर्य लिया जाएगा कि कॉर्निया का उपयोग किस जरूरतमंद के लिए किया जाना है। मसलन बच्चों को बहुत अच्छी कॉर्निया लगाई जाती है, जिससे वह लंबे समय तक चल सके। कहने को तो हमीदिया के नेत्र में विभाग में पहले आई बैंक है, पर यहां आई बैंक के स्तर की सुविधाएं नहीं हैं। कॉर्निया मिलने पर तीन दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है। ऐसे में डॉक्टरों की यह कोशिश होती है जो भी जरूरतमंद मिले उसे उसी दिन कॉर्निया लगा दिया जाए। अस्पताल को हर साल दान में 18 से 20 आंखें मिल रही हैं, लेकिन अत्याधुनिक बैंक नहीं होने से छह घंटे के भीतर उपलब्ध मरीजों को लगाना होता है। अभी यह भी पता नहीं चल पाता कि कॉर्निया कितना अच्छा है। इन दिक्कतों को हल करने के लिए अत्याधुनिक आई बैंक बनाया जा रहा है।
आयुक्त चिकित्सा शिक्षा निशांत वरवड़े ने इस संबंध में जीएमसी प्रबंधन को प्रस्ताव भेजने को कहा है। हमीदिया परिसर में स्थित कमला नेहरू गैस राहत अस्पताल के दूसरी मंजिल पर यह बैंक बनाया जाएगा। यहां पर हमीदिया की नेत्र विभाग की ओपीडी चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में आई बैंक नहीं है। हमीदिया में आई बैंक तो है, पर सुविधाएं नहीं हैं। हमीदिया के नेत्र विभाग के डॉक्टरों ने निजी व सरकारी अस्पतालों के नेत्र विशेषज्ञों का वाट्सअप ग्रुप बनाया है। ताकि दूसरे अस्पतालों के मरीजों को सुविधा मिल सके। पेकुलर माइक्रो स्कोप लगाया जाएगा। इससे कोशिकाओं की गिनती कर आंख की गुणवत्ता पता की जाती है। अभी यह काम साधारण माइक्रोस्कोप से किया जाता है। 24 घंटे के लिए कॉर्निया को मोइस चेंबर, तीन दिन के लिए एमके मीडिया और हफ्ते भर के लिए आप्टीसोल मीडिया में रखा जा सकेगा। इस बारे में हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एके श्रीवास्तव का कहना है कि कमला नेहरू अस्पताल की दूसरी मंजिल पर अत्याधुनिक आई बैंक बनाया जाना है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
सुदामा नर-वरे/13अगस्त2019