व्यापार

एनबीएफसी के 1,700 लाइसेंस रद्द

11/07/2019

मुंबई (ईएमएस)। भारतीय ‎रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2018-19 में 1,701 एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) के लाइसेंस रद्द किए। केंद्रीय बैंक ने न्यूनतम पूंजी आवश्यकताओं को पूरा न कर पाने के कारण इन कंपनियों के खिलाफ यह कार्रवाई की। इसके मुकाबले 2018-18 में आरबीआई ने केवल 26 एनबीएफसी कंपनियों के लाइसेंस रद्द ‎किए थे। दरअसल आरबीआई ने आईएलएंडएफएस के कर्ज लौटाने में असफल होने के कारण सामने आए संकट के बाद इनमें से 779 कंपनियों के लाइसेंस अक्टूबर और नवंबर में ही रद्द किए। आईएलएंडएफएस के कर्ज लौटाने में चूक जाने पर अन्य एनबीएफसी कंपिनयों के सामने पूंजी की समस्या आ गई थी, जिसका नकारात्मक असर पूरे सेक्टर पर पड़ा था। गौरतलब है कि एनबीएफसी को लेकर पहली इतने सख्त नियम नहीं थे, मगर अब स्थिति बदल रही है। केंद्रीय बैंक ने इन कंपनियों की संपत्ति-देयता और जोखिम प्रबंधन ढांचे की निगरानी के लिए नये नियम बनाने का प्रस्ताव रखा है। लाइसेंस रद्द होने के बावजूद एनबीएफसी अस्तित्व में रह सकती हैं, मगर जानकार मानते हैं कि बैंक या बाजार से पूंजी जुटाने में असमर्थ होने के कारण ये धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी। एक बार लाइसेंस खो देने के बाद न तो बैंक इन एनबीएफसी के पोर्टफोलियो खरीदते हैं और न ही वे इन्हें कर्ज देते हैं।
सतीश मोरे/11जुलाई
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