राष्ट्रीय

गांधी की 150वीं जयंती से कांग्रेस को पुनर्जीवित करेगी सोनिया, बुलाई बैठक

11/09/2019

नई दिल्ली (ईएमएस)। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने के बहाने कांग्रेस पार्टी पूरे देश में अपने संगठन को पुनर्जीवित करने का प्रयास करेगी। इस कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के लिए पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस संगठन के सभी बड़े नेताओं की बैठक दिल्ली में 12 सितंबर को बुलाई है। सोनिया का मानना है कि देश में एक सशक्त विपक्ष की कमी महसूस की जा रही है। खासतौर पर एक राष्ट्रीय विपक्षी दल की। सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस, बीजू जनता दल, डीएमके और राष्ट्रवादी कांग्रेस जैसे क्षेत्रीय दल भी अपने-अपने राज्यों में लगभग निष्क्त्रिस्य पड़े हैं। अगर कहीं कोई विरोध हो भी रहा है तो केवल सांकेतिक तौर पर। इसलिए कांग्रेस पूरे देश में मोदी सरकार की खामियों को उजागर करेगी। वह भी सड़कों पर उतर कर। सोनिया गांधी का मानना है कि सरकार के 100 दिन पूरे हो चुके हैं। इसलिए विपक्ष को जोरदार तरीके से सरकार की कमियों को जनता के बीच लाना चाहिए। विपक्ष के खाली स्थान को सड़कों पर आंदोलन करके ही भरा जा सकता है। पार्टी कमजोर अर्थव्यवस्था, रुपए के अवमूल्यन, बढ़ती बेरोजगारी, फैक्ट्रियों का बंद होना और हजारों कर्मचारियों को नौकरियों से निकाले जाने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। इस बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय सचिव, प्रदेश अध्यक्ष, विधानमंडल दलों के नेता और प्रदेशों के प्रभारी शामिल होंगे। सभी को बैठक की सूचना भेजी जा चुकी है। बैठक के एजेंडे में देशभर में गांधी जयंती के कार्यक्त्रस्म आयोजित करना प्रमुख है। लेकिन इसी बहाने पार्टी मोदी सरकार पर निशाना साधना चाहती है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ महासचिव का कहना है कि मोदी सरकार महात्मा गांधी के मूल्यों का क्षरण कर रही है। संस्थाओं को खत्म किया जा रहा है और लोकतंत्र का दमन हो रहा है।
- चुनाव पर चर्चा
इस बैठक में सोनिया पार्टी के नेताओं से देशभर में कांग्रेस की स्थिति का जायजा लेंगी। सभी प्रदेश अध्यक्षों को बता दिया गया है कि उनसे दो ही सवाल होंगे - उनके राज्य में कांग्रेस की क्या स्थिति है और दूसरा कि उसे कैसे ठीक किया जा सकता है। उन्हें भविष्य के कार्यक्त्रस्मों की रूपरेखा भी बतानी होगी। वे हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड जैसे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों की भी जानकारी लेंगी। हरियाणा के बाद सोनिया गांधी ने काफी समय से लंबित मध्य प्रदेश के शेष नेताओं के बीच व्याप्त मतभेदों को दूर करने की कोशिश की। सोमवार रात को उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ और वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को बुलाकर बात की। मंगलवार को उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस नेता शरद पवार से भी मिलकर महाराष्ट्र की चुनावी स्थिति पर चर्चा की।
संदीप/देवेंद्र11/सितंबर/2019/