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नाराज अन्नदाता को मनाने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ सकती हैं मोदी सरकार

13/01/2021


आने वाले बजट में हो सकती हैं इसकी घोषणा
नई दिल्ली (ईएमएस)। खेती-किसानी के मोर्चे पर देश के कई हिस्सों के किसानों का विरोध झेल रही मोदी सरकार बजट से उनका मन मोह सकती है। सरकार का मानना है कि कोरोना के बाद खेती-किसानी क्षेत्र भी नए तरह की समस्या से जूझ रहा है।इसके बाद उन्हें सरकारी सहायता की दरकार ज्यादा है। इसकारण , इस समय विशेषज्ञ वह उपाय तलाश रहे हैं, जिनके सहारे किसानों को मदद दी जा सके। इसी क्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि में इजाफा कर दिया जाए। केंद्रीय कृषि मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अगले महीने पेश होने वाले आम बजट में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणा हो सकती है। कोरोना के बाद जैसे औद्योगिक जगत या वाणिज्य जगत परेशानी झेल रहे हैं, उसी तरह किसान भी परेशानी झेल रहे हैं। उन्हें भी मदद की दरकार है। इस समय इसी बात पर विचार विमर्श चल रहा है कि किसानों को सहायता किस तरह से उपलब्ध कराएं। कुछ लोगों का कहना है कि पीएम किसान सम्मान निधि में जो राशि दी जा रही है, उसी में बढ़ोतरी कर दी जाए। इस पर अभी तक कुछ तय नहीं हुआ है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक योजना है। इसके जरिए छोटे और सीमांत किसान, जिनके पास 2 हेक्टेयर (4.9 एकड़) से कम भूमि है, को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत सभी किसानों को न्यूनतम आय सहायता के रूप में प्रति वर्ष 6 हजार रुपए मिल रहा है। एक दिसंबर 2018 से लागू यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। क्योंकि इसके तहत पात्र किसानों को हर वर्ष 6000 रुपये उनके खाते में भेज दिया जाता है। इस योजना की शुरुआत वर्ष 2018 के रबी सीजन में की गई थी। उस समय सरकार ने इसके लिए 20 हजार करोड़ रुपये का अग्रिम बजटीय प्रावधान किया था। हालांकि, इस योजना पर सालाना 75 हजार करोड़ रुपये का अनुमान था। बाद में जब इसे लागू किया गया तो पता चला कि देश में किसानो की संख्या ज्यादा होने के कारण तथा इस योजना में किसानो की दिलचस्पी होने के करें सालाना खर्च में बढ़ोतरी हुई। छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए यह योजना अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई है। बुवाई से ठीक पहले नकदी के संकट से जूझने वाले किसानों को इस नगदी से बीज, खाद और अन्य इनपुट की उपलब्धता में सहूलियत मिलती है। अब तक इस योजना का लाभ 11 करोड़ 47 लाख किसान उठा रहे हैं।
आशीष दुबे / 13 जनवरी 2021