राष्ट्रीय

शीला ने ब्लॉक अध्यक्ष हटाए, बढ़ा विवाद

19/07/2019

दो वर्किंग अध्यक्ष बोले- नहीं हटेंगे
नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली कांग्रेस में अब खुली बगावत हो गई है। पार्टी के दो वर्किग अध्यक्ष हारून युसूफ और देवेंद्र यादव ने प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित के आदेश को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उन्हें ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (एआईसीसी) ने अपॉइंट किया है और वे सिर्फ अपने आलाकमान के आदेश के प्रति जिम्मेदार हैं। बिना इनकी सहमति से लिए जा रहे फैसले से आहत इन दोनों नेताओं ने एक तरह से शक्ति प्रदर्शन करते हुए प्रदेश ऑफिस में अपने समर्थकों के साथ बैठक की और साफ-साफ कहा कि कोई ब्लॉक अध्यक्ष नहीं हटाए गए हैं, सभी ब्लॉक अध्यक्ष बने रहेंगे। उन्होंने सभी से आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने-अपने इलाकों में बूथ लेवल पर काम शुरू करें। वर्किंग अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में कुछ ऐसे फैसले लिए गए, जिससे कार्यकर्ता परेशान हो गए, जबकि हमें एकसाथ मिलकर काम करने को कहा गया था। इस फैसले से संगठन को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि सभी ब्लॉक अध्यक्ष पहले की तरह काम करें, हमें संगठन को मजबूत करना है, इसलिए ब्लॉक स्तर पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोग काम करना शुरू कर दें ये सब खुद खत्म हो जाएंगे।
हारून युसूफ ने उठाए सवाल
हारून युसूफ ने कहा, जब पहली बार ब्लॉक अध्यक्ष कमेटी को भंग किया तो मुझे नहीं बताया। जब मैंने उनसे पूछा तो कहा कि मुझे कहा गया कि इसे रोक दिया है, रिव्यू करेंगे। फिर 12 जुलाई की शाम 5 बजे बैठक तय हुई, जिसमें चारों लोगों को शामिल होना था। इसी बीच 12 जुलाई को दिन के दो बजे ही ऑब्जर्वर की नियुक्ति का ऐलान कर दिया गया और हमें एक बार फिर मीडिया के जरिए पता चला। उन्होंने कहा कि एआईसीसी ने सभी को नियुक्त किया है और एआईसीसी इस मामले में जो चिट्ठी दी है उसके अनुसार ब्लॉक अध्यक्ष बने रहेंगे। हम उसी आदेश को मान रहे हैं और इसी के तहत अपने कार्यकर्ताओं को बूथ लेवल पर काम करने के आह्वान करने के लिए यह बैठक बुलाई थी। हमने कोई शक्ति प्रदर्शन नहीं किया है।
पुराने ब्लॉक अध्यक्ष बने रहेंग
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस की यह लड़ाई अब नेताओं के जरिए कार्यकर्ताओं तक पहुंच सकती है। पुराने ब्लॉक अध्यक्ष बने रहेंगे और दूसरी तरफ शीला दीक्षित नए सिरे से ब्लॉक अध्यक्ष की नियुक्ति में जुटी हुई हैं। ऐसे में क्या आने वाले समय में ब्लॉक से दो-दो अध्यक्ष होंगे। इससे वर्करों में भारी कंफ्यूजन हो सकता है। कार्यकर्ता आपस में झगड़ सकते हैं इसलिए समय रहते इस मसले को कांग्रेस सुलझा लें, वरना आगामी चुनाव में पार्टी को मुश्किल हो सकती है।
एसएस/ईएमएस 19 जुलाई 2019