लेख

ग्वालियर को अंतर्राष्ट्रीय ख्याति दिलाने वाला उद्भव नृत्य उत्सव (लेखक-विवेक कुमार पाठक /ईएमएस)

06/11/2019

कला जगत में ग्वालियर की ख्याति संगीत सम्राट तानसेन को समर्पित तानसेन समारोह से तो जगजाहिर है मगर डेढ़ दशक से भी अधिक समय से एक नृत्य उत्सव भी ग्वालियर की प्रतिष्ठा निरंतर बढ़ा रहा है। जीहां उद्भव सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान का उद्भव नृत्य उत्सव ग्वालियर की न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी पहचान बन चुका है। इस साल भी 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक चार दिन तक चले इस नृत्य समागम में इटली, स्पेन, ईरान, श्रीलंका, किर्गिस्तान सहित 7 देशों से आए करीब एक सैकड़ा विदेशी कलाकारों ने ग्वालियर की धरती पर भांति भांति के अपने देशज नृत्य किए। समारोह में भारत के विभिन्न राज्यों से आए 28 दलों ने मनमोहक और विविधता भरे नृत्यों की प्रस्तुतियों से मंच को गुलजार कर दिया। 2019 नृत्य महोत्सव ने उद्भव की उपलब्धियों में सफलता के 16वें गुलदस्ते को सुशोभित कर दिया है।
इस अंतर्राश्ट्रीय नृत्य उत्सव की नींव ग्वालियर में 16 साल पहले पड़ी। उस समय का जिक्र करते समय उद्भव सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान के अध्यक्ष एवं जाने माने समाजसेवी व वरिष्ठ पत्रकार डॉ. केशव पांडे की आंखों में चमक आ जाती है। वे कहते हैं ग्वालियर और चंबल क्षेत्र कला संस्कृति, पुरातत्व एवं सांस्कृतिक वैभव से समृद्ध रहा है मगर इसके बाबजूद फिल्मों से लेकर विविध माध्यमों में इसकी छवि दस्यु प्रभावित क्षेत्र की बनाई जाती रही। इससे पर्यटन एवं संस्कृति के लिए उपयुक्त यह क्षेत्र पिछड़ गया। गीत संगीत, गायन,वादन नृत्य जैसे आयोजन सिर्फ सरकार के जिम्मे मान लिए गए और कहीं न कहीं हम इस अंचल के ब्रांड प्रमोशन में पिछड़ते चले गए। हम ग्वालियर चंबल अंचल का सांस्कृतिक वैभव देश दुनिया को दिखलाना चाहते थे। इसे हमने अपना अपनी माटी के लिए कर्त्तव्य समझा और इस भाव से आगे हमने उत्साह और समर्पण से कला संस्कृति एवं खेलों के विविध समारोह उद्भव संस्था के बैनर तले प्रारंभ किए। इसमें सचिव दीपक तोमर, ग्रीनवुड स्कूल की प्रिंसीपल श्रीमती किरण भदौरिया सहित उद्भव, लोकहितकारी न्यास आदि विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों में काम करने वाले समर्पित लोगों ने मिलजुलकर काम किया। हमारा पहला आयोजन शानदार रहा। इस समारोह में मुंबई सिने जगत की प्रख्यात पार्श्व गायिका साधना सरगम ग्वालियर आयीं। उस साल उद्भव उत्सव गायन के नाम रहा था। ग्वालियर के तमाम स्कूलों की टीमों ने इस गायन उत्सव में भाग लिया और हमारा हौंसला बढ़ाया। समारोह सफल रहा और हमारा सिलसिला भी चल निकला। इसके बाद हर साल उद्भव उत्सव का ग्वालियर और ग्वालियर के गायक और नृत्य में पारंगत बच्चे इंतजार करने लगे। हर साल हुए समारोह में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक एवं कला से सराबोर प्रस्तुतियां देकर इसके स्वरुप का विस्तार किया। इस दौरान कथक के नामधन्य अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के गुरु बिरजू महाराज, जानी मानी नृत्यांगना सोनल मानसिंह, स्वप्न सुंदरी, राधारेड्डी से लेकर देश की ख्यात हस्तियां उद्भव उत्सव के मंच की गरिमा बढ़ाने आयीं। हर साल हमने सफलता की उंचाइयां और संभावनाओं के नए आसमान को छुआ। मौजूदा दशक में उद्भव उत्सव ग्रीनवुड उद्भव अंतर्राष्ट्रीय नृत्य उत्सव के रुप में हर साल नयी उंचाइयों को छू रहा है। हर साल दुनिया के कई देशों के बच्चे और नृतक उद्भव उत्सव में भाग लेने के लिए ग्वालियर आते हैं। पहले दिन विदेशों की तर्ज पर विदेशी और देश के दूसरे राज्यों से आए दलों के कलाकार और बच्चे कार्नीवाल में शामिल होते हैं और ग्वालियर शहर में सार्वजनिक मार्ग पर नृत्य करते हुए आमजन से सीधे रुबरु होते हैं। इस बार भी थीम रोड पर कटोरा ताल से जीवाजी क्लब तक उद्भव नृत्य उत्सव का कार्नीवाल शहरवासियों के साथ सोशल मीडिया और अन्य मीडिया माध्यमों के जरिए दूरदराज के लोगों तक पहुंचा। इसके बाद भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान गोविन्दपुरी, ग्रीनवुड स्कूल आदित्यपुरम एवं अटल बिहारी वाजपेयी सूचना प्रौधोगिकी एवं प्रबंधन संस्थान के मुक्ताकाशी मंच पर तीन दिन तक भारतीय और विदेशी नृत्यों की विहंगम प्रस्तुतियों ने ग्वालियर नगर को कलारस से सरोबार कर दिया। उद्भव उत्सव के समापन की गाला नाइट में उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए प्रतिभागी दलों एवं कलाकारों को ट्रॉफियों से पुरस्कृत किया गया। पूरे आयोजन के दौरान ग्वालियर के रसिक भारतीय और पश्चिमी नृत्य शैलियों के विविध रंग देखकर आहलादित दिखे। अपने शहर में विदेशी नृत्य की ये प्रस्तुतियां देखना हर किसी के लिए एक यादगार क्षण होता है। चार दिन तक शहर में होने वाले इस सालाना आयोजन की सफलता के पीछे लंबी मेहनत है। इस बारे में उद्भव के सचिव दीपक तोमर कहते हैं ये खिलाड़ी भावना से किया गया प्रयास है जिसमें हम सबका सामूहिक योगदान है। विदेश से आए कलाकारों और मेहमानों को ग्वालियर में रिसीव करने से लेकर उनका चार दिन तक बराबर ख्याल रखना हमारे लिए सबसे चुनौतीपूर्ण बात रहती है। इसका बड़ा कारण ये है कि विभिन्न देशों से होने के कारण उनकी अलग अलग भाषाएं हमारे वॉलेंटियर और टीम मेम्बर्स के लिए समझना मुश्किल होता है। इसके बाबजूद उनका हर पल ख्याल रखना उनके लिए पूरे समारोह के दौरान बाधारहित सुविधाजनक वातावरण बनाना हम सबके सामूहिक प्रयासों का नतीजा है। यह उद्भव एवं ग्रीनवुड स्कूल की अनुशासित एवं लगनशील टीम की सफलता है। समारोह की पहली प्रेसवार्ता से लेकर समारोह के बाद सबके विदा होकर घर पहुंचने तक हम पूरी जवाबदेही के साथ काम करते हैं। उद्भव नृत्य उत्सव में बालिकाओं की इतनी बड़ी संख्या की पूरी सुरक्षा एवं व्यवस्था एक विस्तृत कार्ययोजना बनाकर तय की जाती है। पूरे आयोजन के दौरान अलग अलग टीमें अपने अपने दायित्व की सफलता के लिए समर्पित होकर काम करती हैं एवं पूरे अनुशासन एवं उत्साह के साथ ये जिम्मेदारियां निभाई जाती हैं जिसके चलते ग्वालियर में यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर का नृत्य महोत्सव 16 साल से निरंतर सफलतापूर्वक जारी है।
इस महोत्सव के लिए लगातार समर्पित रहने वाले उद्भव सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. केशव पांडे कहते हैं कि ग्वालियर मप्र ही नहीं देश भर से उद्भव के प्रति सहयोग का भाव रखने वाले संस्कृतिप्रेमी हमारा हौंसला बढ़ाते हैं। यह बड़ा आयोजन बहुत छोटे छोटे सहयोग एवं सामुदायिकता के भाव से निरंतर हो रहा है। इसमें हमारे साथ सहयोग करने वाले प्रायोजकों, समाजसेवियों, संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रति हमारा साधुवाद है। इस उत्सव की निरंतरता और व्यापकता के लिए सरकारी मदद के संबंध में डॉ. केशव पांडे कहते हैं कि 16 साल से हम सबके समर्पित प्रयास से ये निरंतरता भरा आयोजन जारी है। यह आयोजन अब अंतर्राष्ट्रीय ख्याति दर्ज कर चुका है। आज ग्वालियर में इस उत्सव में जब देश विदेश के कलाकार आते हैं तो समानांतर रुप से समय समय पर ग्वालियर के कलाकार और बच्चे उद्भव के मंच से देश के बाहर विदेशों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने जाते हैं। उद्भव की अगुआई में अनेक देशों में भारत के बच्चों को विदेशों मे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने का मौका मिल रहा है ये हमारे लिए संतुष्टि का विषय है। ये सिलसिला निरंतर बढ़ता रहे। उद्भव के इस महोत्सव के जरिए ग्वालियर, मध्यप्रदेश ही नहीं दूसरे राज्यों के कलाकार बच्चों की सफलता में नए नए आयाम जुड़ें, हमारी स्थानीय प्रतिभाओं का नाम और रोशन हो इसके लिए केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय एवं मप्र का संस्कृति विभाग अगर आगे आकर पहल करता है तो हम स्वागत करते हैं। ये मंच अधिक से अधिक बच्चों और कलाकारों को मौके दे इसके लिए सरकार जिस भी नवीन तरीके से इस अंतर्राष्ट्रीय नृत्य महोत्सव का प्रोत्साहन करेगी हम उसका हृदय से स्वागत करते हैं और उसके साथ हर संभव सहयोग व तालमेल कर काम करने के लिए तैयार हैं। कला संस्कृति के प्रचार प्रसार को नयी उंचाइयां देने वाला यह अंतर्राष्ट्रीय नृत्य उत्सव निरंतरता और व्यापकता की ओर बढ़े यही हम सबकी मंशा है। ग्वालियर चंबल संभाग की कला पहचान को पुर्नस्थापित करना एवं खत्म हो चुकी डकैत समस्या का अनावश्यक महिमा मंडन के प्रभाव को कला प्रसार से अप्रभावी बनाना हमारा लक्ष्य रहा है एवं आज ग्रीनवुड उद्भव अंतर्राष्ट्रीय नृत्य उत्सव का मप्र में सबसे बड़ा नृत्य महोत्सव बन जाना हमारी यह सफलता है। यह उत्सव इसी तरह कला एवं संस्कृति के प्रचार से ग्वालियर और मध्यप्रदेश की प्रतिष्ठा को देश दुनिया में निरंतर फैलाता रहे इसके लिए हम निरंतर टीम भावना से जुटे रहेंगे।
06नवंबर/ईएमएस