व्यापार

स्विगी और जोमैटो 1 जुलाई से डिलीवर करेंगे सिर्फ गुणवत्ता वाला खाना!

18/06/2022

- कंप‎नियां एफएसएसएआई ग्राहकों के हित में लागू कर रही नया नियम
नई दिल्‍ली (ईएमएस)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने और डिलिवरी सुविधा देने वाली स्विगी-जोमैटो जैसी कंपनियों को गुणवत्ता वाला खाना पहुंचाने के सख्‍त निर्देश दिए हैं। एफएसएसएआई ने उपभोक्‍ताओं के हितों को ध्‍यान में रखते हुए इन एग्रीगेटर कंपनियों के लिए 1 जुलाई से नई गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य बना दिया है। एफएसएसएआई के मुताबिक, 1 जुलाई से स्विगी-जोमैटो जैसी कंपनियों को खाना डिलीवर करने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि जिस रेस्तरां या होटल का खाना वह डिलिवरी करते हैं, उस पर पोषक तत्वों की पूरी जानकारी हो। सभी ई-कॉमर्स खाद्य कारोबार परिचालकों (एफबीओ) को लिखे पत्र में एफएसएसएआई ने कहा है कि वे अपने मोबाइल ऐप सहित तमाम मंचों पर खाद्य वस्तुओं में उपस्थित कैलोरी, पोषक तत्वों की मौजूदगी और उसके दुष्प्रभावों से संबंधित जानकारी को अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करेंगे। ऐसा करने से उपभोक्‍ता को बेहतर खाद्य उत्‍पाद चुनने में आसानी होगी। एफएसएसएआई खाद्य सेवा प्रतिष्ठानों के लिए वर्ष 2020 में लेबलिंग और आंकड़े प्रदर्शित करने वाले नियम लेकर आया था। अब इसे ई-कॉमर्स फूड कंपनियों पर लागू किया जा रहा है।
इसी कड़ी में प्राधिकरण ने स्विगी-जोमैटो जैसी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने मोबाइल ऐप सहित सभी ऑनलाइन मंच पर पोषण संबंधी जानकारियां डिस्‍प्‍ले करने की व्‍यवस्‍था करें। इसका मकसद एक तो उपभोक्‍ताओं तक गुणत्‍तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना है और दूसरा इसके दुष्‍प्रभावों के प्रति लोगों को सचेत करना है। एफएसएसएआई ने अपने सभी क्षेत्रीय निदेशकों से कहा है कि फूड डिलीवरी करने वाले ऑनलाइन मंचों पर इन दिशा-निर्देशों के पालन की निगरानी की जानी चाहिए। ऑनलाइन खाना ऑर्डर लेने और डिलीवर करने वाली प्रमुख कंपनी जोमैटो के प्रवक्‍ता ने कहा कि हम पहले से ही इन नियमों का पालन कर रहे हैं। हमारे साथ जुड़े रेस्‍तरां अभी तक स्‍वैच्‍छा से खाद्य उत्‍पादों की पोषकता और उसके नुकसान की जानकारी दे रहे हैं। अब हम उनसे इन जानकारियों को अनिवार्य रूप से साझा किए जाने को लेकर संपर्क कर रहे हैं। इससे हमारे ग्राहकों को सभी जरूरी जानकारियां मिल सकेंगी। स्विगी ने फिलहाल इस पर कोई जवाब नहीं दिया है।
सतीश मोरे/18जून