क्षेत्रीय

1212 कुण्डीय महायज्ञ में संतो का आना हुआ शुरु

15/05/2019

23 मई को 1501 कलश स्थापना के साथ होगी महायज्ञ की शुरुआत, निकलेगी कलश यात्रा
अशोकनगर (ईएमएस)। नईसरायं तहसील स्थित डुंगासरा गांव की पठार पर आगामी 23 मई से शुरु होने वाले 1212 कुंडीय ब्रहम महायज्ञ की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। महायज्ञ के लिये सबसे महत्वपूर्ण यज्ञशाला का काम लगभग 90 फीसदी से भी ज्यादा पूरा हो चुका है। जबकि 1212 वेदी बनाने के लिय कारीगर दिन रात जुटे हुए हैं। मेला स्थल पर विभिन्न तरह के झूले पहुंच चुके हैं। जबकि मेला परिसर में अन्य व्यवस्थाएं जुटाने का काम भी तेज गति से चल रहा है।
यज्ञ सम्राट के नाम से ख्याती हांसिल कर चुके महंत कनक बिहारी महाराज के निर्देशन में 1212 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। 23 मई से 3 जून तक चलने वाले इस महायज्ञ में कई आकर्षण देखने को मिलेगें। महायज्ञ के लिये 1 लाख 60 हजार वर्ग फीट में 85 फीट ऊंची सात मंजिला यज्ञशाला का निर्माण किया गया है। इसी यज्ञ शाला में 1212 वेदियां हवन के लिय बनाई गई हैं। इन हवन कुंडो में राजा रानी और यज्ञ आचार्य सहित लगभग तीन हजार से भी ज्यादा यजमान हर दिन आहूतियां देगें। महायज्ञ की विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन के लिये दर्जन भर से भी ज्यादा समितियों का गठन किया गया है। इनमें आवास, सुरक्षा, हवन, भोजन, स्वागत सहित अन्य समितियों को कार्यों का विभाजन भी किया जा चुका है। महायज्ञ के लिये लगभग 85 फीट ऊंची यज्ञशाला बनाने के लिय राजस्थान से आए लगभग एक सैकड़ा कारीगर दिन रात जुटे रहे। यज्ञशाला निर्माण से जुड़े कारीगरों की मानें तो यज्ञशाला तेज हवा और बारिश में भी पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी।

-यज्ञ का संकल्प कर किया था चतुर्मास:
यज्ञ सम्राट के नाम से ख्याति प्राप्त कर चुके महंत कनक बिहारी महाराज ने यज्ञ का संकल्प लेकर खुले आसमान के नीचे चतुर्मास किया है। महायज्ञ से जुड़े आयोजकों ने बताया कि चतुर्मास की समाप्ति के बाद महाराज की इन्दौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, विदिशा के साथ ही प्रदेश के तमाम जिलों में भ्रमण कर महायज्ञ का प्रचार कर चुके हैं। इसके अलावा बीते दिनों कुंभ में भी खालसा लगाकर सैकड़ों साधु संतो को महायज्ञ में आने के लिये न्यौता दिया गया है। इसलिए महायज्ञ में बड़ी संख्या में साधु संतों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद लगाई जा रही है। उल्लेखनीय है कि यज्ञ सम्राट कनक बिहारी जी महाराज इसके पहले भी विदिशा जिले के गमाकर में 1111 कुंडीय यज्ञ का आयोजन करा चुके हैं।

-रामलील,रासलील के साथ ही होगी रामकथा:
23 मई कलश यात्रा के साथ शुुरु होने वाले महायज्ञ में रामलीला, रासलीला के साथ ही लोगों को भगवान राम का चरित्र भी चुनने को मिलेगा। आयोजन समिति के मुताबिक सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक रामलीला का मंचन किया जायेगा। जबकि रात 8 बजे से 12 बजे तक वृन्दावन से आये कलाकार रासलीला के माध्यम से भगवान कृष्ण के चरित्र का चित्रण करेगें। इसके अलावा दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक जगजगुरू रामस्वरूपाचार्य जी महाराज श्रीराम कथा का वाचन करेगें। रामकथा का आस्था भजन चैनल पर भी सीधा प्रसारण किया जायेगा। वहीं 2 से 3 बजे तक कथावाचक साध्वी वर्षा देवी संगीतमयी रामकथा का वाचन करेंगी। महायज्ञ को काशी से आ रहे डॉ. प्रेमनारायण शास्त्री सम्पन्न कराएगें।
प्रवीण/15/05/2019