राज्य समाचार

90 पार पहुंचा पेट्रोल... मगर विरोध के नाम पर सन्नाटा

30/11/2020

-विपक्ष में रहते भाजपा करती थी सड़कों पर प्रदर्शन... मगर कांग्रेस की आवाज ही नहीं निकलती
भोपाल (ईएमएस)। पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही है और बीते 6 माह में ही 10 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा की वृद्धि हो चुकी है। भोपाल में 90 रुपए प्रति लीटर से अधिक पेट्रोल का भाव हो चुका है। इसी तरह डीजल के दाम 80 रुपए के पार पहुंच गए हैं, मगर विरोध के नाम पर सन्नाटा ही पसरा है। वरना इससे आधी कीमत कुछ वर्ष पहले तक थी और 10-20 पैसे भी बढऩे पर विपक्ष में बैठी भाजपा शहरों की सड़कों से लेकर संसद तक हंगामा मचा देती थी। मगर कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए जनता से जुड़े ऐसे मुद्दे जोरदार तरीके से उठाने में फ्लॉप ही रही है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढऩे से लोगों के मासिक बजट पर भी असर पड़ रहा है।
अभी कोरोना संक्रमण के चलते लोक परिवहन की बजाय लोग अपने निजी वाहनों का इस्तेमाल अधिक रहे हैं और यही कारण है कि अभी दीपावली पर दो पहिया से ज्यादा चार पहिया यानी कारों की बिक्री हुई। दूसरी तरफ पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही है। हर 24 घंटे में कुछ पैसों की बढ़ोतरी हो जाती है और जनता को पता ही नहीं चलता। इंदौर में 90 रुपए 23 पैसे प्रति लीटर पेट्रोल के भाव हो चुके हैं और अब डीजल भी लगभग उसके बराबर हो गया, जिसके दाम भी 80 रुपए से अधिक हो गए हैं। यही कारण है कि अब ज्यादातर लोग डीजल की बजाय पेट्रोल की कारें ही खरीदने लगे हैं। बीते 10 दिनों में ही एक से सवा रुपए प्रति लीटर तक प्रति लीटर दामों में बढ़ोतरी हो चुकी है और प्रदेश से लेकर केन्द्र की भाजपा सरकार ने करोड़ों रुपया टैक्स में बढ़ोतरी कर कमा लिया है। वरना जब 2014 के पहले केन्द्र में कांग्रेस की सरकार थी और विपक्ष में भाजपा, तब रोजाना प्रदर्शन किया जाता था। यहां तक कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान खुद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होने पर साइकिल से सचिवालय पहुंचे थे और भाजपा के सारे नेता सड़कों पर बैलगाड़ी चलाने, धरने-प्रदर्शन से लेकर संसद में जोरदार हंगामा मचाते रहे। उस दौरान पेट्रोल-डीजल की कीमतें इतनी अधिक भी नहीं बढ़ी थी। अगर ऐसा ही रहा तो अगले 6 महीने के भीतर ही पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर आसानी से पहुंच जाएगा, जबकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑइल के दाम लगातार घटते रहे हैं। बावजूद इसके केन्द्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल के मामले में जनता को कोई राहत नहीं दी, जिसके चलते घर-घर का मासिक बजट भी बढ़ गया है, क्योंकि हर घर में कार के अलावा दो से तीन वाहन रहते हैं, वहीं डीजल वृद्धि से भाड़ा और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ गई।
‎विनोद/ 30 नवम्बर 2020