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राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने धर्मशाला में दलाई लामा से भेंट की

धर्मशाला( ईएमएस)। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज धर्मशाला में दलाई लामा के तिब्बतियों के आध्यात्मिक धर्मगुरू से मुलाकात की। बैठक में दलाई लामा ने भारत की प्राचीन संस्कृतिए परंपराए गौरवशाली इतिहासए विशेष रूप से हिमाचली लोगों से उनकी सुविधा पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत में अपने लगभग 60 वर्षों के निर्वासन के दौरानए उन्होंने दुनिया के कई देशों का दौरा किया हैए परन्तु वह भारत की प्राचीन परंपरा और अहिंसा और करुणा के संदेश से वह बहुत प्रभावित हैंए जिसकी आज दुनिया को सबसे ज्यादा जरूरत है। दलाई लामा ने कहा कि कोई भी व्यक्तिए किसी भी धार्मिक विश्वास के बावजूदए अहिंसा और करुणा के संदेश का पालन करके जीवन में खुश रह सकता है। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय ज्ञान मानसिक शांति प्रदान करने में सहायक है। इसलिएए प्राचीन भारतीय संस्कृति को आधुनिक ज्ञान के साथ जोड़ना महत्वपूर्ण है ताकि बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकें। दलाई लामा ने कहा कि वह इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं और उन्होंने राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में छः महीने का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया हैए जो प्राचीन भारतीय ज्ञानए आध्यात्मिकता और भारतीय दर्शन पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भविष्य में शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण का एक कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा ताकि भविष्य की पीढ़ियों तक इस सोच को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति वैज्ञानिक पहुंच पर आधारित है। उन्होंने भारत को गुरू और तिब्बत को भारत का श्रेष्ठ अनुयायी बताया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में रह रहे निर्वासित तिब्बती समुदाय का हिमाचल के लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण सम्बन्ध है और उन्होंने भी हिमाचल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंन...