राष्ट्रीय


छत्तीसगढ़ विधानसभा 2018 विशेष

भाजपा के गढ़ में सेंध लगाना मुश्किल (नारायणपुर विधानसभा चुनाव - 2018 ) नारायणपुर ( ईएमएस)। बस्तर संभाग का नारायणपुर जिला आदिवासियों की परंपरा और प्राकृतिक संसाधनों, प्राकृतिक सुंदरता और सुखद माहौल से समृद्ध है। यह क्षेत्र घने जंगल, नदी, पहाड़, झरने, प्राकृतिक गुफाओं से घिरा हुआ है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा है।वर्ष 2007 में बना यह जिला कभी धुर नक्सल प्रभावित था। पिछले कुछ वर्षों में हालात बदले हैं, लेकिन अभी खतरा खत्म नहीं हुआ है। जिले में सिर्फ नारायणपुर विधानसभा ही एकमात्र सीट है। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट से भाजपा लगातार जीत दर्ज कर रही है।राज्य स्थापना के बाद हुए पहले चुनाव में पार्टी को करीब 46 फीसद वोट मिले थे। 2008 में हुए दूसरे चुनाव में पार्टी के खाते में कुल मतदान का करीब 55 फीसद हिस्सा आया, लेकिन 2013 में पार्टी जीतने में सफल तो रही, लेकिन वोट शेयर घटकर 49 फीसद पर आ गया। हालांकि यह तब की स्थिति है,जब भाजपा बस्तर संभाग की ज्यादातर सीट हार गई थी।नारायणपुर सीट से 1980 में जनता पार्टी (जेपी) ने जीत दर्ज की थी। 1985 में सीट कांग्रेस के खाते में गई, लेकिन 1990 में भाजपा ने यह सीट छीन ली और 1993 के चुनाव में भी कब्जा बरकरार रखा। 1998 के चुनाव में कांग्रेस फिर से यह सीट छीनने में सफल रही।नारायणपुर से मौजूदा बीजेपी विधायक केदार कश्यप यहां से लगातार दो चुनाव जीत चुके हैं।2013 में उन्होंने यहां पर कांग्रेस के चंदन सिंह को करीब 12 हजार वोटों से मात दी थी। वहीं इससे पहले भी उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार को 22 हजार वोटों से मात दी थी। 2013 विधानसभा चुनाव,केदार कश्यप, बीजेपी, कुल वोट मिले 54874 , चंदन कश्यप, कांग्रेस, कुल वोट मिले 42074 2008 विधानसभा चुनाव, केदार...