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*(बैतूल) जल के प्रति जन में संवेदना जगे तो ही जल बचेगा : मोहन नागर*

*भारत भारती में दो दिवसीय जल प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन*/ *जिले के 132 गाँवों के नदी-नालों में सितम्बर माह में बनेंगे बोरी बंधान* / *जामठी के नाले में बोरी बंधान कर किया जल संरक्षण का श्रीगणेश*/ बैतूल (ईएमएस)/नवल-वर्मा । बोरी बंधान व स्टाप डेमों में पानी रोकने के लिए जिले के अस्सी गांवों के कार्यकर्ताओं को भारत भारती में कार्यशाला के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया । भारत भारती के सचिव मोहन नागर ने पीपीटी के माध्यम से बोरी बंधान, पटिया डेम तथा स्टाप डेम में कड़ी शटर लगाने का प्रशिक्षण दिया । कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए श्री नागर ने कहा कि बैतूल जिले में यह लगातार तीसरा वर्ष अल्प वर्षा का रहा है, जब औसत से भी कम बारिश हुई है । जिले के पचहत्तर प्रतिशत से अधिक बाँध और नदियाँ सूखे है । यहाँ तक कि बोरवेलों में भी सौ फुट के नीचे ही पानी है । भाद्रपद मास लगभग सूखा बीतने से खरीफ की फसलें भी सूख रही है । ऐसे में रबी की बोवनी तो दूर वर्ष भर पीने हेतु जल की उपलब्धता भी कठिन है । अगर जल के प्रति जन में संवेदनशीलता नहीं आई तो जल संकट भयावह हो सकता है । उन्होंने कहा कि जल के प्रति जागृति ही जल संकट से लड़ने में सहायक होगी । ज्ञातव्य है कि जिले भर में बह रहे नदी नालों को रोकने की दृष्टि से शासन-प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं के द्वारा प्रयास प्रारम्भ हो गए हैं । विद्या भारती जनजाति शिक्षा और सतपुड़ा समग्र द्वारा भारत भारती आवासीय विद्यालय में दो दिवसीय जल प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया । जिसमें विद्या भारती की संकुल रचना के अस्सी ग्रामों के कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया । कार्यशाला में एक सत्र प्रायोगिक भी रखा गया । जिसमें जामठी के नाले में डेढ़ सौ से अधिक प्रशिक्षणार्थियों और...