लेख


मानवता के लिए खतरा है वैश्विक अतिवाद (लेखक- तनवीर जाफरी / ईएमएस)

न्यूज़ीलैंड के क्राईस्टचर्च शहर में स्थित अलनूर मस्जिद में नमाज़ पढऩे वालों पर हुए हमले में 49 लोगों के मारे जाने के बाद न्यूज़ीलैंड जैसा शांतिप्रिय देश भी आतंक प्रभावित देशों की सूची में शामिल हो गया। बताया जाता है कि आस्ट्रेलिया निवासी 28 वर्षीय बे्रन्टन टैरन्ट नामक युवक ने पांच स्वचालित बंदूकों का इस्तेमाल करते हुए क्राईस्टचर्च की दो मस्जिदों में एक के बाद एक हमले किए तथा अपने माथे पर कैमरा लगाकर इस पूरे वीभत्स हत्याकांड का वीडियो फेसबुक व इंस्टाग्राम पर लाईव प्रसारित किया। पूरे विश्व में सभी धर्म व समुदाय के लोगों ने इस आतंकी घटना की कड़ी निंदा की है। स्वयं न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अल्र्डर्न ने इस हमले को न केवल आतंकवादी हमला बताया बल्कि यह भी कहा कि यह दिन न्यूज़ीलैंड के इतिहास का सबसे काला दिन है। इसे देश के इतिहास का अब तक का सबसे घातक हमला भी बताया गया। उन्होंने कहा कि यह घटना हमें बताती है कि बुरे लोग हमेशा हमारे बीच मौजूद होते हैं और वह कभी भी ऐसे हमले कर सकते हैं। उन्होंने इस हमलावर को दक्षिणपंथी आतंकवादी बताया। न्यूज़ीलैंड में सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाया गया तथा नगर में होने वाले अनेक खेल व मनोरंजन के कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। न्यूज़ीलैंड प्रशासन ने मृतकों के कफन दफन में मुस्लिम समुदाय को पूरा सहयोग दिया। जहां पीडि़तों का इलाज हो रहा था उसके निकट बॉटेनिकल गार्डन की दीवार को मृतकों को श्रद्धासुमन अर्पित करने हेतु समर्पित किया गया। संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद्, लंदन के हाईट पार्क, ऑक्सफोर्ड युनिवर्सिटी, हेलसिंकी के ‎फिनलेडिया हॉल, आस्ट्रेलिया के पर्थ, बर्मिंघम तथा विश्व के अनेक स्थानों से मस्जिद में मारे गए लोगों के प्रति शोक सभ...