लेख


(विचार-मंथन) न्याय तंत्र का टूटा भरोसा (लेखक- सिध्दार्थ शंकर/ईएमएस)

हैदराबाद में हुए रेप और हत्याकांड का इंसाफ पूरा हो गया है। पशु चिकित्सक के साथ हैवानियत करने वाले चारों आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। तेलंगाना पुलिस के अनुसार आरोपियों को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए ले जाया गया था। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिस ने उन पर गोलियां चला दीं। इस मुठभेड़ में चारों आरोपियों की मौके पर ही मौत हो गई। बता दें कि चारों आरोपियों शिवा, नवीन, केशवुलू और मोहम्मद आरिफ ने हैदराबाद के शादनगर में पशु चिकित्सक के साथ मदद के बहाने पहले सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या करके शव को आग के हवाले कर दिया। पुलिस को अगले दिन पीडि़ता की अधजली लाश फ्लाईओवर के नीचे मिली थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। सड़क से लेकर संसद तक आरोपियों को जल्द से जल्द सजा देने की मांग की जा रही थी। सभी आरोपियों को फांसी पर चढ़ाने की बात कह रहे थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा था कि सरकार कड़े कानून बनाने के लिए तैयार है। हैदराबाद पुलिस ने जिस तरह से घटना को अंजाम दिया उस पर लोगों की राय बंटी जरूर है, मगर समर्थन करने वालों की तादाद कहीं ज्यादा है। हैदराबाद ही नहीं पूरे देश में तेलंगाना पुलिस हीरो बन गई है। समर्थन में नारेबाजी हो रही है, फूल बरसाए जा रहे हैं, आतिशबाजी की जा रही है। क्या जनता और क्या नेता...सब पुलिस की इस कार्रवाई की दाद दे रहे हैं। जनता का ऐसा रुख यह बताने के लिए काफी है कि वह बलात्कार जैसे अपराध के लिए किस तरह का रवैया रखती है और देश की बच्चियों के साथ होने वाले इस घृणित अपराध के खिलाफ वह कुछ भी करने को तैयार है। हैदराबाद में ढेर किए गए बलात्कार के चारों आरोपिय...