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(भोपाल) सीएम की घोषणा के बावजूद नहीं बना आयोग

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मामला प्रदेश के मध्यम वर्ग आयोग का
भोपाल (ईएमएस)। तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मध्यम वर्ग आयोग के गठन की घोषणा की थी, जो अभी भी अधूरी है। ये आयोग अब तक वजूद में नहीं आ पाया है। कई बार प्रस्ताव बना और मुख्यमंत्री सचिवालय तक गया, ले‎किन कोई नतीजा नहीं ‎निकला। स्थिति ये है कि सामान्य प्रशासन विभाग और सामाजिक न्याय विभाग को पता ही नहीं है कि आयोग बना या नहीं। जबकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने आयोग के गठन की कार्रवाई कर दी है। 21 जनवरी 2014 को आयोग के गठन का प्रस्ताव सामाजिक न्याय विभाग के जरिए विभागीय मंत्री गोपाल भार्गव के पास पहुंचा। उन्होंने 28 फरवरी 2014 को फाइल जरूरी कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव को भेज दी।
         10 जून को दोबारा फाइल मंत्री के पास भेजी और उन्होंने 18 जून को फिर अपर मुख्य सचिव को भेज दी। तब से अब तक ये फाइल नहीं लौटी। 4 जनवरी 2016 को मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय विभाग की समीक्षा बैठक में एक बार फिर अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोग के गठन की कार्रवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री गोपाल भार्गव और तत्कालीन आयुक्त सामाजिक न्याय डॉ.मनोहर अगनानी भी मौजूद थे। उधर, सामाजिक न्याय विभाग ने मध्यम वर्ग आयोग के लिए अलग से बजट का प्रावधान कर दिया है। इसके लिए मात्र तीन हजार रुपए रखे गए हैं। विभाग ने आयोग के नाम से 7435 नंबर से बजट हेड (मद) भी खोला है। आयोग के स्वरूप को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट रूपरेखा तय नहीं हुई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एक अध्यक्ष के अलावा पांच सदस्य इसमें रहेंगे। आयोग मध्यम वर्ग से जुड़ी समस्या और उसके निराकरण के लिए सरकार को सिफारिश करेगा।
सुदामा/16जुलाई2017
 

Admin | Jul 16, 2017 12:19 PM IST
 

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