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भोपाल स्टेशन देश का दूसरा सबसे गंदा स्टेशन

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-सच्चाई दबाने मीडिया को दूर रखते है रेलवे के अधिकारी
भोपाल (ईएमएस)। भोपाल रेलवे स्टेशन को देश का दूसरा सबसे गंदा स्टेशन का तमगा मिला है, जिसको लेकर राजधानी के वाशिंदे शर्मिदगी महसूस कर रहे हैं। दूसरी ओर भोपाल शहर को देश का दूसरा सबसे साफ शहर का दर्जाभी मिला है, लेकिन भोपाल रेल मंडल ने शहरवासियो की इस उपलब्धि पर पूरा पानी फेर दिया है।रेलवे के कुछ अधिकारी निगेटिव खबरों को रुकवाने हर तरह का हथकंडा अपनाते हैं ताकि लोगों को सच्चाई का पता नहीं चल पाए। मीडिया वालों के रिजर्वेशन नो नेगेटिव न्यूज के एवज में ही कंफर्म किए जाते हैं।
रेल मंडल में किसी भी पत्रकार को सीधे डीआरएम सुशोभन चौधरी और सीनियर डीसीएम विनोद तमौरी से नहीं मिलने दिया जाता। यह दोनों अधिकारी भोपाल के लिए नए हैं और इनकी छवि भी रेलवे में काफी अच्छी है। लेकिन एक कॉकस ने इनको घेर रखा है। इसी कॉकस में पिछले डीआरएम आलोक कुमार की छवि भी खराब करवाई।भोपाल स्टेशन किसी कूड़ा घर से कम नहीं लगेगा। शौचालयों में बदबू है। यहां तक की एसी और नॉन एसी वेटिंग रूम में रेगुलर सफाई नहीं होती। हर कौने में पान की पीक के निशान। गंदगी फैलाने वालों पर सिर्फ औपचारिक जुर्माना किया जाता है। वेंडर ज्यादा कचरा फैलाते हैं। दिलचस्प तथ्य यह है कि भोपाल स्टेशन क ाr सफाई निजी हाथों में है। इसका वार्षिक बजट 3 करोड़ रुपए है। 84 सफाई कर्मचारी चौबीस घंटे सफाई में जुटने के बाद भोपाल स्टेशन गंदगी में अव्वल है।  
सुदामा/19मई2017
 
Admin | May 19, 2017 12:31 PM IST
 

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