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घर पहुंचकर बनाए जा रहे छोटे बच्चो के आधार

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-जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपी
भोपाल (ईएमएस)। जन्म के एक सप्ताह के अंदर के बच्चों के आधार कार्ड अब उनके घर पर पहुंच कर बनाए जाएंगे।यह जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपी गई है। विभाग के 15 सुपरवाइजर व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को टेबलेट सौंपे गए हैं। ये अधिकारी टेबलेट के माध्यम से उन आंगनवाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों के आधार कार्ड बना रहे हैं जहां पर आधार बनवाने वाले बच्चों की संख्या अधिक होती है। कभी-कभी घर-घर जाकर भी आधार पंजीयन कराया जा रहा है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी उपासना राय ने बताया कि टेबलेट के माध्यम से सैकड़ों बच्चों के आधार एनरोलमेंट कर दिए गए हैं। यह कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी। भोपाल जिले में वर्तमान में 30 प्रतिशत बच्चों के आधार एनरोलमेंट नहीं हो सके हैं। इसके लिए जिला प्रशासन नित नए प्रयोग कर रहा है। इसे देखते हुए पिछले दिनों जहांगीराबाद स्थित सुल्तानिया जनाना अस्पताल व इंदिरा गांधी हॉस्पिटल में आधार सेंटर तो पहले ही खोल दिए गए थे, ताकि नवजात बच्चों से लेकर 5 वर्ष तक के बधों के आधार बन सकें। अब एम्स व 1250 अस्पताल में भी आधार सेंटर खोल दिए गए हैं।आधार कार्ड बनवाने के लिए लोग इधर उधर भटक रहे हैं। इसको देखते हुए ई डिस्ट्रिक्ट सोसायटी ने आधार बनवाने के लिए कलेक्टर कार्यालय स्थित संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) सर्किल में एक और नया आधार केंद्र खोल दिया है। अब यहां पर दो केंद्र हो गए हैं। दूसरा केंद्र आधार बनवाने व संशोधित कराने पहुंचने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए खोला गया है।
इस संबंध में एडीएम भोपाल दिशा नागवंशी का कहना है कि छोटे बच्चों के आधार कार्ड बनवाने के लिए लोग आगे आएं इसके लिए आधार एनरोलमेंट सेंटर अस्पतालों व कलेक्टर कार्यालय में खोले गए हैं। आंगनवाड़ियों में टेबलेट के माध्यम से भी छोटे बधों के आधार बनवाए जा रहे हैं।
सुदामा/19मई2017
 
Admin | May 19, 2017 12:30 PM IST
 

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